Share this
BBN24/27 अगस्त 2024: पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए डॉक्टर दुष्कर्म-हत्याकांड ने राज्य में आक्रोश और तनाव को बढ़ा दिया है। इस मामले ने न केवल स्थानीय समुदाय बल्कि पूरे राज्य में गुस्से की लहर पैदा कर दी है। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज की इस घटना के बाद, विभिन्न छात्र संगठनों और विपक्षी दलों ने ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस घटना के विरोध में जगह-जगह प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है, जिसमें खासतौर पर राज्य की महिला सुरक्षा पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

बंगाल भाजपा ने इस घटना के खिलाफ अपनी नाराजगी जताते हुए राज्यभर में बंद का आह्वान किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने सरकार पर आरोप लगाया कि कोलकाता में छात्रों के नबान्न आंदोलन के दौरान राज्य सरकार द्वारा की गई बर्बर कार्रवाई ने लोकतंत्र की छवि को गहरा नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार ने विरोध करने वाले छात्रों और नागरिकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर अपनी सत्ता की क्रूरता का प्रदर्शन किया है।
केंद्रीय मंत्री भी इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे, जिससे यह साफ है कि भाजपा इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के लिए तैयार है। केंद्रीय मंत्री ने ममता सरकार की निंदा करते हुए कहा कि बंगाल में महिला सुरक्षा पर बात करना मानो अपराध बन गया है, जबकि राज्य में दुष्कर्म और हत्या जैसी घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ममता सरकार के कार्यकाल में कानून और व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक हो गई है, और इस घटना ने जनता के मन में सुरक्षा की भावना को कमजोर कर दिया है।
बंद के आह्वान के साथ ही भाजपा ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह राज्य में महिला सुरक्षा के मुद्दे को हल्के में नहीं लेगी और इस घटना को लेकर राज्य सरकार को जवाबदेह ठहराएगी। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता बंगाल के विभिन्न जिलों में प्रदर्शन करेंगे, जिसमें जनता को भी शामिल होने का आह्वान किया गया है। इस बंद का उद्देश्य न केवल इस घटना के प्रति विरोध जताना है, बल्कि राज्य में महिला सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाना और ममता सरकार पर दबाव बनाना है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।










