Share this

गरियाबंद। नक्सल प्रभावित गरियाबंद जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। उदंती एरिया कमेटी के प्रमुख नक्सली कमांडर सुनील ने सशस्त्र संघर्ष को समाप्त करने और मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। उन्होंने एक पत्र जारी कर 20 अक्टूबर दोपहर 12:30 बजे आत्मसमर्पण की घोषणा की है।
जारी पत्र में सुनील ने लिखा है कि मौजूदा हालात अब सशस्त्र आंदोलन के अनुकूल नहीं हैं। कई महत्वपूर्ण साथी मारे जा चुके हैं और संगठन कमजोर हो गया है। ऐसे में अब खुद को बचाना और समाज की मुख्यधारा में लौटना ही उचित कदम है। उन्होंने हाल ही में बस्तर और महाराष्ट्र में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली नेताओं सोनू दादा और रूपेश के फैसले का समर्थन करते हुए कहा है कि यह परिवर्तन का समय है।
गरियाबंद पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने नक्सली कमांडर के इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा, “यह एक सकारात्मक संकेत है। जो भी नक्सली आत्मसमर्पण की इच्छा रखते हैं, उन्हें सरकार की ओर से पूरा सहयोग और सुरक्षा दी जाएगी। उनके और उनके परिवार की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी हमारी होगी।”
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुनील लंबे समय से उदंती एरिया कमेटी में सक्रिय था और उस पर कई नक्सली घटनाओं में शामिल होने के आरोप हैं। सुनील के सरेंडर से जिले में सक्रिय नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका लगने की संभावना जताई जा रही है।











