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रायपुर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक बार फिर से कहा की माओवाद अब अंतिम साँस ले रह है. माओवादियों से अपील करते हुए श्री शाह ने कहा की माओवादी बंदूक छोड़ हिंसा का रास्ता त्याग दे और मुख्यधारा में लौट आये. छत्तीसगढ़ की सरकार उनका रेड कारपेट बिछा कर स्वागत करेगी.
साप्ताहिक पत्र ‘ऑर्गेनाइजर’ के ‘भारत प्रकाशन’ द्वारा प्रकाशित ‘छत्तीसगढ़ @ 25 : शिफ्टिंग द लेंस’ पुस्तक पर आयोजित राष्ट्रीय कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने माओवादी विचारधारा को विनाश की विचारधार बताया. उन्होंने कहा की इस विचारधारा ने देश और समाज को पीछे धकेलने का काम किया. बस्तर में भी इस विचारधारा ने विकास के पहिये को रोक रखा था.
साप्ताहिक पत्र ‘ऑर्गेनाइजर’ के ‘भारत प्रकाशन’ द्वारा प्रकाशित ‘छत्तीसगढ़ @ 25 : शिफ्टिंग द लेंस’ पुस्तक पर आयोजित राष्ट्रीय कॉन्क्लेव से लाइव… https://t.co/3M57w7kycb
— Amit Shah (@AmitShah) February 8, 2026
श्री शाह ने कहा की 1 नवंबर साल 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना हुई. तब कांग्रेस की सरकार थी. स्थापना के साथ ही अत्याचार दंगे आंदोलन की आग में छत्तीसगढ़ झुलसने लगा. लेकिन इसके बाद 15 साल भाजपा की सरकार रही. रमन राज में विकास आगे बढ़ा उन्होंने नक्सलवाद को कुछ इलाकों तक सीमित कर के रखा लेकिन तब केंद्र में कांग्रेस सरकार थी. इसके बाद फिर से 5 साल कांग्रेस सरकार आई बघेल के काल मे घपला भ्रष्टाचार बढ़ा. छोटे से राज्य में बड़े बड़े भ्रष्टाचार घपले हए. नक्सलवाद को बढ़ावा मिला. अब फिर से विष्णु देव साय की सरकार है. साय सरकार ने नक्सलवाद को समाप्त करने ठोस कदम उठाया. छत्तीसगढ़ से माओवाद समाप्त होने की दिशा में है.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा की माओवाद ने बस्तर का विकास रोक रखा था. वहां स्कुल, अस्पताल बंद थे. लोगो को आवास योजना का भी लाभ नहीं मिल रहा था. पर साय की सरकार ने इसे संभव किया और केंद्र की मोदी सरकार ने पूरा सहयोग किया. श्री शाह ने कहा की आने वाले 10 साल में बस्तर देश का सबसे विकसित जिला बनेगा.










