लोक सेवा गारंटी के प्रकरणों का समय सीमा में करें निराकरण-कलेक्टर

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बलौदाबाजार :  जिले में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए हैं। मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए सभी शासकीय भवनों में सोखता गड्ढा और रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी के साथ जल संचयन के कार्यों को प्राथमिकता से पूरा किया जाए, ताकि भूमिगत जल स्तर को बेहतर बनाया जा सके।

कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि नहरों के आसपास भी ऐसी संरचनाएं तैयार की जाएं, जिससे पानी का संरक्षण हो और भूजल रिचार्ज में मदद मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने किसानों को खेतों के निचले हिस्सों में जल संरक्षण के लिए संरचनाएं विकसित करने के लिए प्रेरित करने को कहा।

उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों, शासकीय तथा निजी स्कूलों में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग और सोखता पिट निर्माण कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जल संरक्षण को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए और लोगों को इसमें भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही, जल संचयन से जुड़ी सभी संरचनाओं के निर्माण के बाद उनकी फोटो और अनिवार्य जियो टैगिंग करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक के दौरान कलेक्टर ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्राप्त आवेदनों के समय-सीमा में निराकरण पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रकरणों की जानकारी तत्काल पोर्टल में दर्ज की जाए। निर्धारित समय में कार्य नहीं होने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों पर अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

राजस्व पखवाड़ा के तहत पटवारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने और मामलों का मौके पर ही निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा कलेक्टर ने जनगणना से जुड़े कार्यों को गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ पूरा करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना राष्ट्रीय स्तर का महत्वपूर्ण कार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

शासकीय जमीन पर हो रहे अतिक्रमण के मामलों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों को भूराजस्व संहिता के तहत सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत भूमिहीन नागरिकों को भी लाभ दिलाने के लिए पंचायत स्तर पर आबादी भूमि का चिन्हांकन करने और पात्र हितग्राहियों को योजना से जोड़ने पर जोर दिया।