महतारी वंदन योजना : प्रदेशभर में महिलाओं को आर्थिक संबल, आत्मनिर्भरता की नई दिशा

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रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए संचालित महतारी वंदन योजना आज पूरे प्रदेश में सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है। यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने तथा उनके जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार लाने की दिशा में प्रभावी भूमिका निभा रही है।

प्रदेश के विभिन्न जिलों में इस योजना के माध्यम से लाखों महिलाएं सीधे लाभान्वित हो रही हैं। नियमित रूप से उनके बैंक खातों में पहुंच रही सहायता राशि से वे न केवल अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति कर पा रही हैं, बल्कि परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में भी सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और निर्णय लेने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है।

सक्ति जिला अंतर्गत ग्राम पंचायत भूरसीडीह की निवासी श्रीमती नवधा बाई पटेल इस योजना के सकारात्मक प्रभाव का जीवंत उदाहरण हैं। उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्राप्त मासिक सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में आ रही है, जिससे घरेलू आवश्यकताओं—जैसे राशन, बच्चों की जरूरतें एवं अन्य खर्चों—की पूर्ति अब सहज हो गई है। पहले सीमित आय के कारण जिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, अब वह काफी हद तक कम हो गया है। इस योजना ने उनके जीवन में आर्थिक स्थिरता के साथ विश्वास और सम्मान की भावना को भी मजबूत किया है।

उल्लेखनीय है कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। मार्च 2024 में प्रारंभ इस योजना के अंतर्गत अब तक 26 किस्तों में कुल 16,881 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जिससे लाखों महिलाओं को सीधा लाभ मिला है।

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नरेन्द्र मोदी की गारंटी को पूरा करने एवं महिलाओं के समग्र विकास के उद्देश्य से प्रारंभ की गई यह योजना आज महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ उनके सामाजिक सम्मान को भी सुदृढ़ कर रही है।

हितग्राही महिलाओं ने योजना से हुए सकारात्मक बदलाव के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि यह योजना उनके जीवन में नई उम्मीद, आत्मनिर्भरता और सम्मान का आधार बनकर सामने आई है।