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रायपुर। देश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी सफलता सामने आई है। नक्सलियों के शीर्ष नेता और पोलित ब्यूरो सदस्य सोनू दादा उर्फ वेणुगोपाल राव ने अपने 60 साथियों सहित सरेंडर कर दिया है। सभी नक्सलियों ने महाराष्ट्र के गढ़चिरौली पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। बताया जा रहा है कि सरेंडर के दौरान माओवादियों ने अपने साथ करीब 50 हथियार भी जमा कराए।
सूत्रों के अनुसार, सोनू दादा नक्सली संगठन के सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक थे और उन पर कई बड़ी वारदातों में शामिल होने के आरोप हैं। माना जा रहा है कि लगातार चल रहे सुरक्षाबलों के दबाव और जंगलों में घटते समर्थन ने इस आत्मसमर्पण के फैसले को प्रभावित किया है।
नक्सली संगठन की कमर टूटी
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इस आत्मसमर्पण से नक्सली संगठन की कार्यप्रणाली पर बड़ा असर पड़ेगा। वेणुगोपाल राव संगठन के रणनीतिक फैसलों में प्रमुख भूमिका निभाते थे और उनका सरेंडर नक्सली नेटवर्क के लिए मनोवैज्ञानिक झटका माना जा रहा है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब इनसे पूछताछ कर रही हैं ताकि नक्सली गतिविधियों से जुड़ी और अहम जानकारियां हासिल की जा सकें।










