गाड़ी में बकरी, सिर पर चोरी – कबीरधाम की अनोखी कहानी: 80 से ज़्यादा बकरियाँ चुराने वाले बकरी चोर गिरोह का पर्दाफाश, 7 गिरफ्तार

गाड़ी में बकरी, सिर पर चोरी – कबीरधाम की अनोखी कहानी: 80 से ज़्यादा बकरियाँ चुराने वाले बकरी चोर गिरोह का पर्दाफाश, 7 गिरफ्तार
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कवर्धा | जिले में लंबे समय से ग्रामीणों की नींद उड़ाने वाले बकरी चोर गिरोह पर पुलिस ने कड़ा शिकंजा कसते हुए एक बड़ी कार्रवाई की है। बकरी चोरों की इस “चलती फिरती मंडी” का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने 7 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से 16 जिंदा बकरियाँ और चोरी के लिए इस्तेमाल की गई स्पेशल मॉडिफाइड इनोवा गाड़ी बरामद की गई है, जिसे देखकर खुद पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए।

यह संगठित गिरोह बिलासपुर जिले के मोपका, मंगला और मगरपारा इलाकों से संचालित हो रहा था और कबीरधाम के कुकदुर, पंडरिया और कवर्धा थाना क्षेत्रों के ग्रामीण इलाकों को अपना निशाना बना रहा था। अब तक गिरोह द्वारा करीब 80 से अधिक बकरियाँ चुराए जाने की पुष्टि हो चुकी है।

तकनीकी विश्लेषण और CCTV फुटेज से पहुंची पुलिस गिरोह तक
पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह (IPS) के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम ने साइबर सेल की मदद से CCTV फुटेज और लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए गिरोह की पहचान की। चोरी की गई बकरियाँ बिलासपुर की मटन दुकानों में बेची जाती थीं।

गाड़ी में बकरी, सिर पर चोरी – कबीरधाम की अनोखी कहानी: 80 से ज़्यादा बकरियाँ चुराने वाले बकरी चोर गिरोह का पर्दाफाश, 7 गिरफ्तार

गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
शब्बीर खान, गौरव धूरी, मनीष पटेल, सोहेल खान, अजय सोनवानी, सहबान खान और शाहीद खान सभी बिलासपुर निवासी हैं। इनसे पूछताछ में खुलासा हुआ कि वे रात के अंधेरे में बकरियाँ चुराकर उन्हें तुरंत बिलासपुर की ओर रवाना कर देते थे।

इनके कब्जे से मिली चौंकाने वाली बरामदगी, इनोवा बनी थी चलता-फिरता बकरी बाड़ा
गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने जो बरामदगी की, वह इस गिरोह की योजना और पेशेवर अपराध के तौर-तरीकों की पोल खोल देती है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 16 बकरियाँ बरामद की हैं, जिन्हें चोरी के कुछ ही घंटों बाद बेचने की तैयारी थी।

सबसे चौंकाने वाली बरामदगी रही विशेष रूप से मॉडिफाइड की गई इनोवा कार, जिसे इस तरह से बदला गया था कि उसमें आसानी से बड़ी संख्या में बकरियाँ छुपाकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाई जा सकें। कार के अंदरूनी हिस्सों में सीटों को हटाकर जगह बनाई गई थी ताकि बकरियाँ खड़ी रह सकें और बाहर से किसी को शक न हो।

इसके अलावा, पुलिस ने चोरी में प्रयुक्त मोबाइल फोन, सीमित उपयोग वाले सिम कार्ड, नकद राशि व अन्य महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए हैं, जिनका इस्तेमाल गिरोह तकनीकी निगरानी से बचने और वारदात को अंजाम देने में करता था।

पुलिस का कहना है कि यह गिरोह अपने कार्य में अत्यंत सतर्कता बरतता था और बार-बार लोकेशन बदलकर काम करता था, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और जमीनी सूझबूझ के दम पर आखिरकार पुलिस ने इसे बेनकाब कर दिया।

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पुलिस ने तीन थानों में दर्ज मामलों को जोड़कर रचा जाल
थाना कुकदुर, पंडरिया और कवर्धा में दर्ज मामलों की कड़ियाँ जोड़कर पुलिस ने गिरोह को दबोचा। इस कार्रवाई में SDOP पंडरिया भूपत सिंह धनेश्री, SDOP बोड़ला अखिलेश कौशिक व SDOP कवर्धा कृष्ण कुमार चंद्राकर की अहम भूमिका रही। तकनीकी विश्लेषण में साइबर सेल प्रभारी मनीष मिश्रा और उनकी टीम ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया।

बकरी चोरी – सीधा ग्रामीण आजीविका पर हमला
पुलिस का कहना है कि बकरी चोरी कोई मामूली अपराध नहीं, बल्कि यह ग्रामीण परिवारों की रोजी-रोटी पर सीधा प्रहार है। कबीरधाम पुलिस की यह कार्रवाई यह स्पष्ट संदेश देती है कि अब ऐसे संगठित अपराधियों के लिए जिले में कोई जगह नहीं।