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पटना। बिहार में एक बार फिर एनडीए की सरकार बन गई है। गुरुवार सुबह पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित भव्य समारोह में नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल की मौजूदगी में हुए इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित देशभर के 11 राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए।
PM मोदी की मौजूदगी में शपथ, मंच पर दिखी राजनीतिक एकजुटता
शपथ ग्रहण के दौरान पूरा गांधी मैदान उत्साह से भर उठा। जैसे ही नीतीश कुमार ने पद और गोपनीयता की शपथ पूरी की, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके साथ हाथ मिलाकर नई सरकार की एकजुटता का संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने मंच से गमछा लहराते हुए जनता का अभिवादन भी किया। समारोह में हरियाणा, असम, गुजरात, मेघालय, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, दिल्ली, नगालैंड और राजस्थान के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे।
सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा बने डिप्टी सीएम
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाद एनडीए के नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। सबसे पहले सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने डिप्टी सीएम के रूप में शपथ लेकर नई सरकार के गठन को मजबूत आधार दिया। इसके बाद बीजेपी, जेडीयू, हम, एलजेपी और आरएमएल के कुल 26 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ लेकर कैबिनेट को आकार दिया।
शपथ मंच पर भावनात्मक क्षण
शपथ ग्रहण के दौरान कई भावुक क्षण भी देखने को मिले। एलजेपी नेता चिराग पासवान ने मंच पर पहुंचकर जीतन राम मांझी और जेपी नड्डा के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया।
बिहार कैबिनेट 2025: शामिल हुए सभी दलों के प्रमुख चेहरे
नयी सरकार में बीजेपी के प्रमुख नेताओं में सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडेय, डॉ. दिलीप जायसवाल, नितिन नबीन, रामकृपाल यादव, संजय सिंह ‘टाइगर’, अरुण शंकर प्रसाद, सुरेंद्र मेहता, नारायण प्रसाद, रमा निषाद, लखेंद्र पासवान, श्रेयसी सिंह और डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी शामिल किए गए हैं।
जेडीयू कोटे से नीतीश कुमार के साथ विजय कुमार चौधरी, श्रवण कुमार, विजेंद्र यादव, अशोक चौधरी, लेसी सिंह, जमा खान और मदन साहनी ने शपथ ग्रहण किया। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा से संतोष कुमार सुमन, लोक जनशक्ति पार्टी से संजय कुमार (पासवान) और संजय सिंह, जबकि आरएमएल से दीपक प्रकाश को मंत्री बनाया गया है।
बिहार में एनडीए की नई शुरुआत
दसवीं बार सत्ता संभालते हुए नीतीश कुमार ने बिहार में राजनीतिक निरंतरता का नया अध्याय जोड़ा है। एनडीए की यह नई टीम विकास, सुशासन और स्थिरता के एजेंडे के साथ प्रदेश की राजनीति में एक मजबूत संदेश देती नजर आ रही है।










